Chaupai Sahib



CHAUPAI SAHIB

ਕਬ੍ਯੋ ਬਾਚ ਬੇਨਤੀ ॥

Kabaio Baacha Benatee ॥

कबयो बाच बेनती ॥

Speech of the poet.

ਚੌਪਈ ॥

Choupaee ॥

चौपई ॥

Chaupai

ਹਮਰੀ ਕਰੋ ਹਾਥ ਦੈ ਰਛਾ ॥

Hamaree Karo Haatha Dai Rachhaa ॥

हमरी करो हाथ दै ्रछा ॥

Protect me O Lord ! with Thine own Hands

ਪੂਰਨ ਹੋਇ ਚਿਤ ਕੀ ਇਛਾ ॥

Pooran Hoei Chita Kee Eichhaa ॥

पूरन होइ चि्त की इछा ॥

all the desires of my heart be fulfilled.

ਤਵ ਚਰਨਨ ਮਨ ਰਹੈ ਹਮਾਰਾ ॥

Tv Charnna Man Rahai Hamaaraa ॥

तव चरनन मन रहै हमारा ॥

Let my mind rest under Thy Feet

ਅਪਨਾ ਜਾਨ ਕਰੋ ਪ੍ਰਤਿਪਾਰਾ ॥੩੭੭॥

Apanaa Jaan Karo Partipaaraa ॥377॥

अपना जान करो प्रतिपारा ॥३७७॥

Sustain me, considering me Thine own.377.

ਹਮਰੇ ਦੁਸਟ ਸਭੈ ਤੁਮ ਘਾਵਹੁ ॥

Hamare Dustta Sabhai Tuma Ghaavahu ॥

हमरे दुशट सभै तुम घावहु ॥

Destroy, O Lord ! all my enemies and

ਆਪੁ ਹਾਥ ਦੈ ਮੋਹਿ ਬਚਾਵਹੁ ॥

Aapu Haatha Dai Mohi Bachaavahu ॥

आपु हाथ दै मोहि बचावहु ॥

protect me with Thine won Hnads.

ਸੁਖੀ ਬਸੈ ਮੋਰੋ ਪਰਿਵਾਰਾ ॥

Sukhee Basai Moro Parivaaraa ॥

सुखी बसै मोरो परिवारा ॥

May my family live in comfort

ਸੇਵਕ ਸਿਖ੍ਯ ਸਭੈ ਕਰਤਾਰਾ ॥੩੭੮॥

Sevaka Sikhi Sabhai Kartaaraa ॥378॥

सेवक सि्खय सभै करतारा ॥३७८॥

and ease alongwith all my servants and disciples.378.

ਮੋ ਰਛਾ ਨਿਜੁ ਕਰ ਦੈ ਕਰਿਯੈ ॥

Mo Rachhaa Niju Kar Dai Kariyai ॥

मो ्रछा निजु कर दै करियै ॥

Protect me O Lord ! with Thine own Hands

ਸਭ ਬੈਰਿਨ ਕੌ ਆਜ ਸੰਘਰਿਯੈ ॥

Sabha Bairin Kou Aaja Saanghariyai ॥

सभ बैरिन कौ आज संघरियै ॥

and destroy this day all my enemies

ਪੂਰਨ ਹੋਇ ਹਮਾਰੀ ਆਸਾ ॥

Pooran Hoei Hamaaree Aasaa ॥

पूरन होइ हमारी आसा ॥

May all the aspirations be fulfilled

ਤੋਰਿ ਭਜਨ ਕੀ ਰਹੈ ਪਿਯਾਸਾ ॥੩੭੯॥

Tori Bhajan Kee Rahai Piyaasaa ॥379॥

तोरि भजन की रहै पियासा ॥३७९॥

Let my thirst for Thy Name remain afresh.379.

ਤੁਮਹਿ ਛਾਡਿ ਕੋਈ ਅਵਰ ਨ ਧ੍ਯਾਊ ॥

Tumahi Chhaadi Koeee Avar Na Dhaiaaoo ॥

तुमहि छाडि कोई अवर न धयाऊं ॥

I may remember none else except Thee

ਜੋ ਬਰ ਚਾਹੌ ਸੁ ਤੁਮ ਤੇ ਪਾਊ ॥

Jo Bar Chaahou Su Tuma Te Paaoo ॥

जो बर चहों सु तुमते पाऊं ॥

And obtain all the required boons from Thee

ਸੇਵਕ ਸਿਖ੍ਯ ਹਮਾਰੇ ਤਾਰਿਯਹਿ ॥

Sevaka Sikhi Hamaare Taariyahi ॥

सेवक सि्खय हमारे तारियहि ॥

Let my servants and disciples cross the world-ocean

ਚੁਨ ਚੁਨ ਸਤ੍ਰੁ ਹਮਾਰੇ ਮਾਰਿਯਹਿ ॥੩੮੦॥

Chuna Chuna Sataru Hamaare Maariyahi ॥380॥

चुन चुन श्त्रु हमारे मारियहि ॥३८०॥

All my enemies be singled out and killed.380.

ਆਪੁ ਹਾਥ ਦੈ ਮੁਝੈ ਉਬਰਿਯੈ ॥

Aapu Haatha Dai Mujhai Aubariyai ॥

आपु हाथ दै मुझै उबरियै ॥

Protect me O Lord ! with Thine own Hands and

ਮਰਨ ਕਾਲ ਕਾ ਤ੍ਰਾਸ ਨਿਵਰਿਯੈ ॥

Marn Kaal Kaa Taraasa Nivariyai ॥

मरन काल त्रास निवरियै ॥

relieve me form the fear of death

ਹੂਜੋ ਸਦਾ ਹਮਾਰੇ ਪਛਾ ॥

Hoojo Sadaa Hamaare Pachhaa ॥

हूजो सदा हमारे प्छा ॥

May Thou ever Bestow Thy favours on my side

ਸ੍ਰੀ ਅਸਿਧੁਜ ਜੂ ਕਰਿਯਹੁ ਰਛਾ ॥੩੮੧॥

Sree Asidhuja Joo Kariyahu Rachhaa ॥381॥

स्री असिधुज जू करियहु ्रछा ॥३८१॥

Protect me O Lord ! Thou, the Supreme Destroyer.381.

ਰਾਖਿ ਲੇਹੁ ਮੁਹਿ ਰਾਖਨਹਾਰੇ ॥

Raakhi Lehu Muhi Raakhnhaare ॥

राखि लेहु मुहि राखनहारे ॥

Protect me, O Lord ! Thou, the Protector, O Lord !

ਸਾਹਿਬ ਸੰਤ ਸਹਾਇ ਪਿਯਾਰੇ ॥

Saahib Saanta Sahaaei Piyaare ॥

साहिब संत सहाइ पियारे ॥

Most dear, the Protector of the Saints:

ਦੀਨਬੰਧੁ ਦੁਸਟਨ ਕੇ ਹੰਤਾ ॥

Deenabaandhu Dusttan Ke Haantaa ॥

दीनबंधु दुशटन के हंता ॥

Friend of poor and the Destroyer of the enemies
ਤੁਮ ਹੋ ਪੁਰੀ ਚਤੁਰਦਸ ਕੰਤਾ ॥੩੮੨॥

Tuma Ho Puree Chaturdasa Kaantaa ॥382॥

तुमहो पुरी चतुरदस कंता ॥३८२॥

Thou art the Master of the fourteen worlds.382.

ਕਾਲ ਪਾਇ ਬ੍ਰਹਮਾ ਬਪੁ ਧਰਾ ॥

Kaal Paaei Barhamaa Bapu Dharaa ॥

काल पाइ ब्रहमा बपु धरा ॥

In due time Brahma appeared in physical form

ਕਾਲ ਪਾਇ ਸਿਵ ਜੂ ਅਵਤਰਾ ॥

Kaal Paaei Siva Joo Avataraa ॥

काल पाइ शिवजू अवतरा ॥

In due time Shiva incarnated

ਕਾਲ ਪਾਇ ਕਰਿ ਬਿਸਨ ਪ੍ਰਕਾਸਾ ॥

Kaal Paaei Kari Bisan Parkaasaa ॥

काल पाइ करि बिशन प्रकाशा ॥

In due time Vishnu manifested himself

ਸਕਲ ਕਾਲ ਕਾ ਕੀਯਾ ਤਮਾਸਾ ॥੩੮੩॥

Sakala Kaal Kaa Keeyaa Tamaasaa ॥383॥

सकल काल का कीया तमाशा ॥३८३॥

All this is the play of the Temporal Lord.383.

ਜਵਨ ਕਾਲ ਜੋਗੀ ਸਿਵ ਕੀਯੋ ॥

Javan Kaal Jogee Siva Keeyo ॥

जवन काल जोगी शिव कीयो ॥

The Temporal Lord, who created Shiva, the Yogi

ਬੇਦ ਰਾਜ ਬ੍ਰਹਮਾ ਜੂ ਥੀਯੋ ॥

Beda Raaja Barhamaa Joo Theeyo ॥

बेद राज ब्रहमा जू थीयो ॥

Who created Brahma, the Master of the Vedas

ਜਵਨ ਕਾਲ ਸਭ ਲੋਕ ਸਵਾਰਾ ॥

Javan Kaal Sabha Loka Savaaraa ॥

जवन काल सभ लोक सवारा ॥

The Temporal Lord who fashioned the entire world

ਨਮਸਕਾਰ ਹੈ ਤਾਹਿ ਹਮਾਰਾ ॥੩੮੪॥

Namasakaara Hai Taahi Hamaaraa ॥384॥

नमशकार है ताहि हमारा ॥३८४॥

I salute the same Lord.384.

ਜਵਨ ਕਾਲ ਸਭ ਜਗਤ ਬਨਾਯੋ ॥

Javan Kaal Sabha Jagata Banaayo ॥

जवन काल सभ जगत बनायो ॥

The Temporal Lord, who created the whole world

ਦੇਵ ਦੈਤ ਜਛਨ ਉਪਜਾਯੋ ॥

Dev Daita Jachhan Aupajaayo ॥

देव दैत ज्छन उपजायो ॥

Who created gods, demons and yakshas

ਆਦਿ ਅੰਤਿ ਏਕੈ ਅਵਤਾਰਾ ॥

Aadi Aanti Eekai Avataaraa ॥

आदि अंति एकै अवतारा ॥

He is the only one form the beginning to the end

ਸੋਈ ਗੁਰੂ ਸਮਝਿਯਹੁ ਹਮਾਰਾ ॥੩੮੫॥

Soeee Guroo Samajhiyahu Hamaaraa ॥385॥

सोई गुरू समझियहु हमारा ॥३८५॥

I consider Him only my Guru.385.

ਨਮਸਕਾਰ ਤਿਸ ਹੀ ਕੋ ਹਮਾਰੀ ॥

Namasakaara Tisa Hee Ko Hamaaree ॥

नमशकार तिस ही को हमारी ॥

I salute Him, non else, but Him

ਸਕਲ ਪ੍ਰਜਾ ਜਿਨ ਆਪ ਸਵਾਰੀ ॥

Sakala Parjaa Jin Aapa Savaaree ॥

सकल प्रजा जिन आप सवारी ॥

Who has created Himself and His subject

ਸਿਵਕਨ ਕੋ ਸਿਵਗੁਨ ਸੁਖ ਦੀਯੋ ॥

Sivakan Ko Sivaguna Sukh Deeyo ॥

सिवकन को सवगुन सुख दीयो ॥

He bestows Divine virtues and happiness on His servants

ਸਤ੍ਰੁਨ ਕੋ ਪਲ ਮੋ ਬਧ ਕੀਯੋ ॥੩੮੬॥

Sataruna Ko Pala Mo Badha Keeyo ॥386॥

श्त्रुन को पल मो बध कीयो ॥३८६॥

He destroys the enemies instantly.386.

ਘਟ ਘਟ ਕੇ ਅੰਤਰ ਕੀ ਜਾਨਤ ॥

Ghatta Ghatta Ke Aantar Kee Jaanta ॥

घट घट के अंतर की जानत ॥

He knows the inner feelings of every heart

ਭਲੇ ਬੁਰੇ ਕੀ ਪੀਰ ਪਛਾਨਤ ॥

Bhale Bure Kee Peera Pachhaanta ॥

भले बुरे की पीर पछानत ॥

He knows the anguish of both good and bad

ਚੀਟੀ ਤੇ ਕੁੰਚਰ ਅਸਥੂਲਾ ॥

Cheettee Te Kuaanchar Asathoolaa ॥

चीटी ते कुंचर असथूला ॥

From the ant to the solid elephant

ਸਭ ਪਰ ਕ੍ਰਿਪਾ ਦ੍ਰਿਸਟਿ ਕਰਿ ਫੂਲਾ ॥੩੮੭॥

Sabha Par Kripaa Drisatti Kari Phoolaa ॥387॥

सभ पर क्रिपा द्रिशटि करि फूला ॥३८७॥

He casts His Graceful glance on all and feels pleased.387.

ਸੰਤਨ ਦੁਖ ਪਾਏ ਤੇ ਦੁਖੀ ॥

Saantan Dukh Paaee Te Dukhee ॥

संतन दुख पाए ते दुखी ॥

He is painful, when He sees His saints in grief

ਸੁਖ ਪਾਏ ਸਾਧਨ ਕੇ ਸੁਖੀ ॥

Sukh Paaee Saadhan Ke Sukhee ॥

सुख पाए साधन के सुखी ॥

He is happy, when His saints are happy.

ਏਕ ਏਕ ਕੀ ਪੀਰ ਪਛਾਨੈ ॥

Eeka Eeka Kee Peera Pachhaani ॥

एक एक की पीर पछानै ॥

He knows the agony of everyone

ਘਟ ਘਟ ਕੇ ਪਟ ਪਟ ਕੀ ਜਾਨੈ ॥੩੮੮॥

Ghatta Ghatta Ke Patta Patta Kee Jaani ॥388॥

घट घट के पट पट की जानै ॥३८८॥

He knows the innermost secrets of every heart.388.
ਜਬ ਉਦਕਰਖ ਕਰਾ ਕਰਤਾਰਾ ॥

Jaba Audakarkh Karaa Kartaaraa ॥

जब उदकरख करा करतारा ॥

When the Creator projected Himself,

ਪ੍ਰਜਾ ਧਰਤ ਤਬ ਦੇਹ ਅਪਾਰਾ ॥

Parjaa Dharta Taba Deha Apaaraa ॥

प्रजा धरत तब देह अपारा ॥

His creation manifested itself in innumerable forms

ਜਬ ਆਕਰਖ ਕਰਤ ਹੋ ਕਬਹੂੰ ॥

Jaba Aakarkh Karta Ho Kabahooaan ॥

जब आकरख करत हो कबहूं ॥

When at any time He withdraws His creation,

ਤੁਮ ਮੈ ਮਿਲਤ ਦੇਹ ਧਰ ਸਭਹੂੰ ॥੩੮੯॥

Tuma Mai Milata Deha Dhar Sabhahooaan ॥389॥

तुम मै मिलत देह धर सभहूं ॥३८९॥

all the physical forms are merged in Him.389.

ਜੇਤੇ ਬਦਨ ਸ੍ਰਿਸਟਿ ਸਭ ਧਾਰੈ ॥

Jete Badan Srisatti Sabha Dhaarai ॥

जेते बदन स्रिशटि सभ धारै ॥

All the bodies of living beings created in the world

ਆਪੁ ਆਪੁਨੀ ਬੂਝਿ ਉਚਾਰੈ ॥

Aapu Aapunee Boojhi Auchaarai ॥

आपु आपुनी बूझि उचारै ॥

speak about Him according to their understanding

ਤੁਮ ਸਭ ਹੀ ਤੇ ਰਹਤ ਨਿਰਾਲਮ ॥

Tuma Sabha Hee Te Rahata Niraalama ॥

तुम सभ ही ते रहत निरालम ॥

But Thou, O Lord ! live quite apart form everything

ਜਾਨਤ ਬੇਦ ਭੇਦ ਅਰੁ ਆਲਮ ॥੩੯੦॥

Jaanta Beda Bheda Aru Aalama ॥390॥

जानत बेद भेद अरु आलम ॥३९०॥

this fact is know to the Vedas and the learned.390.

ਨਿਰੰਕਾਰ ਨ੍ਰਿਬਿਕਾਰ ਨ੍ਰਿਲੰਭ ॥

Nrinkaara Nribikaara Nrilaanbha ॥

निरंकार न्रिबिकार न्रिल्मभ ॥

The Lord is Formless, Sinless and shelterless:

ਆਦਿ ਅਨੀਲ ਅਨਾਦਿ ਅਸੰਭ ॥

Aadi Aneela Anaadi Asaanbha ॥

आदि अनील अनादि अस्मभ ॥

He is the Primal Power, Blemishlless, Behinningless and Unborn

ਤਾ ਕਾ ਮੂੜ ਉਚਾਰਤ ਭੇਦਾ ॥

Taa Kaa Moorha Auchaarata Bhedaa ॥

ताका मूड़्ह उचारत भेदा ॥

The fool claims boastfully about the knowledge of His secrets,

ਜਾ ਕੋ ਭੇਵ ਨ ਪਾਵਤ ਬੇਦਾ ॥੩੯੧॥

Jaa Ko Bheva Na Paavata Bedaa ॥391॥

जाको भेव न पावत बेदा ॥३९१॥

which even the Vedas do not know.391.

ਤਾ ਕੌ ਕਰਿ ਪਾਹਨ ਅਨੁਮਾਨਤ ॥

Taa Kou Kari Paahan Anumaanta ॥

ताकौ करि पाहन अनुमानत ॥

The fool considers Him a stone,

ਮਹਾ ਮੂੜ ਕਛੁ ਭੇਦ ਨ ਜਾਨਤ ॥

Mahaa Moorha Kachhu Bheda Na Jaanta ॥

महां मूड़्ह कछु भेद न जानत ॥

but the great fool does not know any secret

ਮਹਾਦੇਵ ਕੌ ਕਹਤ ਸਦਾ ਸਿਵ ॥

Mahaadev Kou Kahata Sadaa Siva ॥

महांदेव कौ कहत सदा शिव ॥

He calls Shiva “The Eternal Lord,

ਨਿਰੰਕਾਰ ਕਾ ਚੀਨਤ ਨਹਿ ਭਿਵ ॥੩੯੨॥

Nrinkaara Kaa Cheenata Nahi Bhiva ॥392॥

निरंकार का चीनत नहि भिव ॥३९२॥

“but he does not know the secret of the Formless Lord.392.

ਆਪੁ ਆਪੁਨੀ ਬੁਧਿ ਹੈ ਜੇਤੀ ॥

Aapu Aapunee Budhi Hai Jetee ॥

आपु आपुनी बुधि है जेती ॥

According to ones won intellect,

ਬਰਨਤ ਭਿੰਨ ਭਿੰਨ ਤੁਹਿ ਤੇਤੀ ॥

Barnta Bhiaann Bhiaann Tuhi Tetee ॥

बरनत भिंन भिंन तुहि तेती ॥

one describes Thee differently

ਤੁਮਰਾ ਲਖਾ ਨ ਜਾਇ ਪਸਾਰਾ ॥

Tumaraa Lakhaa Na Jaaei Pasaaraa ॥

तुमरा लखा न जाइ पसारा ॥

The limits of Thy creation cannot be known

ਕਿਹ ਬਿਧਿ ਸਜਾ ਪ੍ਰਥਮ ਸੰਸਾਰਾ ॥੩੯੩॥

Kih Bidhi Sajaa Parthama Saansaaraa ॥393॥

किह बिधि सजा प्रथम संसारा ॥३९३॥

and how the world was fashioned in the beginning?393.

ਏਕੈ ਰੂਪ ਅਨੂਪ ਸਰੂਪਾ ॥

Eekai Roop Anoop Saroopaa ॥

एकै रूप अनूप सरूपा ॥

He hath only one unparalleled Form

ਰੰਕ ਭਯੋ ਰਾਵ ਕਹੀ ਭੂਪਾ ॥

Raanka Bhayo Raava Kahee Bhoopaa ॥

रंक भयो राव कहीं भूपा ॥

He manifests Himself as a poor man or a king at different places

ਅੰਡਜ ਜੇਰਜ ਸੇਤਜ ਕੀਨੀ ॥

Aandaja Jeraja Setaja Keenee ॥

अंडज जेरज सेतज कीनी ॥

He created creatures from eggs, wombs and perspiration

ਉਤਭੁਜ ਖਾਨਿ ਬਹੁਰਿ ਰਚਿ ਦੀਨੀ ॥੩੯੪॥

Autabhuja Khaani Bahuri Rachi Deenee ॥394॥

उतभुज खानि बहुरि रचि दीनी ॥३९४॥

Then He created the vegetable kingdom.394.

ਕਹੂੰ ਫੂਲਿ ਰਾਜਾ ਹ੍ਵੈ ਬੈਠਾ ॥

Kahooaan Phooli Raajaa Havai Baitthaa ॥

कहूं फूलि राजा ह्वै बैठा ॥

Somewhere He sits joyfully as a king
ਕਹੂੰ ਸਿਮਟਿ ਭਯੋ ਸੰਕਰ ਇਕੈਠਾ ॥

Kahooaan Simatti Bhayo Saankar Eikaitthaa ॥

कहूं सिमटि भयो शंकर इकैठा ॥

Somewhere He contracts Himself as Shiva, the Yogi

ਸਗਰੀ ਸ੍ਰਿਸਟਿ ਦਿਖਾਇ ਅਚੰਭਵ ॥

Sagaree Srisatti Dikhaaei Achaanbhava ॥

सगरी स्रिशटि दिखाइ अच्मभव ॥

All His creation unfolds wonderful things

ਆਦਿ ਜੁਗਾਦਿ ਸਰੂਪ ਸੁਯੰਭਵ ॥੩੯੫॥

Aadi Jugaadi Saroop Suyaanbhava ॥395॥

आदि जुगादि सरूप सुय्मभव ॥३९५॥

He, the Primal Power, is from the beginning and Self-Existent.395.

ਅਬ ਰਛਾ ਮੇਰੀ ਤੁਮ ਕਰੋ ॥

Aba Rachhaa Meree Tuma Karo ॥

अब ्रछा मेरी तुम करो ॥

O Lord ! keep me now under Thy protection

ਸਿਖ੍ਯ ਉਬਾਰਿ ਅਸਿਖ੍ਯ ਸੰਘਰੋ ॥

Sikhi Aubaari Asikhi Saangharo ॥

सि्खय उबारि असि्खय स्घरो ॥

Protect my disciples and destroy my enemies

ਦੁਸਟ ਜਿਤੇ ਉਠਵਤ ਉਤਪਾਤਾ ॥

Dustta Jite Autthavata Autapaataa ॥

दुशट जिते उठवत उतपाता ॥

ਸਕਲ ਮਲੇਛ ਕਰੋ ਰਣ ਘਾਤਾ ॥੩੯੬॥

Sakala Malechha Karo Ran Ghaataa ॥396॥

सकल मलेछ करो रण घाता ॥३९६॥

All the villains creations outrage and all the infidels be destroyed in the battlefield.396.

ਜੇ ਅਸਿਧੁਜ ਤਵ ਸਰਨੀ ਪਰੇ ॥

Je Asidhuja Tava Sarnee Pare ॥

जे असिधुज तव शरनी परे ॥

ਤਿਨ ਕੇ ਦੁਸਟ ਦੁਖਿਤ ਹ੍ਵੈ ਮਰੇ ॥

Tin Ke Dustta Dukhita Havai Mare ॥

तिन के दुशट दुखित ह्वै मरे ॥

O Supreme Destroyer ! those who sought Thy refuge, their enemies met painful death

ਪੁਰਖ ਜਵਨ ਪਗੁ ਪਰੇ ਤਿਹਾਰੇ ॥

Purkh Javan Pagu Kare Tihaare ॥

पुरख जवन पगु परे तिहारे ॥

ਤਿਨ ਕੇ ਤੁਮ ਸੰਕਟ ਸਭ ਟਾਰੇ ॥੩੯੭॥

Tin Ke Tuma Saankatta Sabha Ttaare ॥397॥

तिन के तुम संकट सभ टारे ॥३९७॥

The persons who fell at Thy Feet, Thou didst remove all their troubles.397.

ਜੋ ਕਲਿ ਕੌ ਇਕ ਬਾਰ ਧਿਐਹੈ ॥

Jo Kali Kou Eika Baara Dhiaaihi ॥

जो कलि कौ इक बार धिऐहै ॥

ਤਾ ਕੇ ਕਾਲ ਨਿਕਟਿ ਨਹਿ ਐਹੈ ॥

Taa Ke Kaal Nikatti Nahi Aaihi ॥

ता के काल निकटि नहि ऐहै ॥

Those who meditate even on the Supreme Destroyer, the death cannot approach them

ਰਛਾ ਹੋਇ ਤਾਹਿ ਸਭ ਕਾਲਾ ॥

Rachhaa Hoei Taahi Sabha Kaalaa ॥

्रछा होइ ताहि सभ काला ॥

They remain protected at all times

ਦੁਸਟ ਅਰਿਸਟ ਟਰੈਂ ਤਤਕਾਲਾ ॥੩੯੮॥

Dustta Arisatta Ttarina Tatakaalaa ॥398॥

दुशट अरिशट टरे ततकाला ॥३९८॥

Their enemies and troubles come to and end instantly.398.

ਕ੍ਰਿਪਾ ਦ੍ਰਿਸਟਿ ਤਨ ਜਾਹਿ ਨਿਹਰਿਹੋ ॥

Kripaa Drisatti Tan Jaahi Nihriho ॥

क्रिपा द्रिशाटि तन जाहि निहरिहो ॥

ਤਾ ਕੇ ਤਾਪ ਤਨਕ ਮਹਿ ਹਰਿਹੋ ॥

Taa Ke Taapa Tanka Mahi Hariho ॥

ताके ताप तनक महि हरिहो ॥

Upon whomsoever Thou dost cast Thy favourable glance, they are absolved of sins instantly

ਰਿਧਿ ਸਿਧਿ ਘਰ ਮੋ ਸਭ ਹੋਈ ॥

Ridhi Sidhi Ghar Mo Sabha Hoeee ॥

रि्धि सि्धि घर मों सभ होई ॥

They have all the worldly and spiritual pleasures in their homes

ਦੁਸਟ ਛਾਹ ਛ੍ਵੈ ਸਕੈ ਨ ਕੋਈ ॥੩੯੯॥

Dustta Chhaaha Chhavai Sakai Na Koeee ॥399॥

दुशट छाह छ्वै सकै न कोई ॥३९९॥

None of th enemies can even touch their shadow.399.

ਏਕ ਬਾਰ ਜਿਨ ਤੁਮੈ ਸੰਭਾਰਾ ॥

Eeka Baara Jin Tumai Saanbhaaraa ॥

एक बार जिन तुमैं स्मभारा ॥

ਕਾਲ ਫਾਸ ਤੇ ਤਾਹਿ ਉਬਾਰਾ ॥

Kaal Phaasa Te Taahi Aubaaraa ॥

काल फास ते ताहि उबारा ॥

He, who remembered Thee even once, Thou didst protect him from the noose of death

ਜਿਨ ਨਰ ਨਾਮ ਤਿਹਾਰੋ ਕਹਾ ॥

Jin Nar Naam Tihaaro Kahaa ॥

जिन नर नाम तिहारो कहा ॥

ਦਾਰਿਦ ਦੁਸਟ ਦੋਖ ਤੇ ਰਹਾ ॥੪੦੦॥

Daarida Dustta Dokh Te Rahaa ॥400॥

दारिद दुशट दोख ते रहा ॥४००॥

Those persons, who repeated Thy Name, they were saved from poverty and attacks of enemies.400.

ਖੜਗਕੇਤੁ ਮੈ ਸਰਨਿ ਤਿਹਾਰੀ ॥

Khrhagaketu Mai Sarni Tihaaree ॥

खड़ग केत मैं शरनि तिहारी ॥

ਆਪੁ ਹਾਥ ਦੈ ਲੇਹੁ ਉਬਾਰੀ ॥

Aapu Haatha Dai Lehu Aubaaree ॥

आप हाथ दै लेहु उबारी ॥

Bestow thy help own me at all places protect me from the design of my enemies. 401.
ਸਰਬ ਠੌਰ ਮੋ ਹੋਹੁ ਸਹਾਈ ॥

Sarba Tthour Mo Hohu Sahaaeee ॥

सरब ठौर मो होहु सहाई ॥

ਦੁਸਟ ਦੋਖ ਤੇ ਲੇਹੁ ਬਚਾਈ ॥੪੦੧॥

Dustta Dokh Te Lehu Bachaaeee ॥401॥

दुशट दोख ते लेहु बचाई ॥४०१॥

Bestow Thy help on me at all places and protect me from the designs of my enemies.401.

ਕ੍ਰਿਪਾ ਕਰੀ ਹਮ ਪਰ ਜਗਮਾਤਾ ॥

Kripaa Karee Hama Par Jagamaataa ॥

क्रिपा करी हम पर जगमाता ॥

ਗ੍ਰੰਥ ਕਰਾ ਪੂਰਨ ਸੁਭਰਾਤਾ ॥

Graanth Karaa Pooran Subharaataa ॥

ग्रंथ करा पूरन सुभ राता ॥

The Mother of the world has been kind towards me and I have completed the book this auspicious night

ਕਿਲਬਿਖ ਸਕਲ ਦੇਖ ਕੋ ਹਰਤਾ ॥

Kilabikh Sakala Dekh Ko Hartaa ॥

किलबिख सकल देह को हरता ॥

ਦੁਸਟ ਦੋਖਿਯਨ ਕੋ ਛੈ ਕਰਤਾ ॥੪੦੨॥

Dustta Dokhiyan Ko Chhai Kartaa ॥402॥

दुशट दोखियन को छै करता ॥४०२॥

The Lord is the destroyer of all the sins of the body and all the malicious and wicked persons.402.

ਸ੍ਰੀ ਅਸਿਧੁਜ ਜਬ ਭਏ ਦਯਾਲਾ ॥

Sree Asidhuja Jaba Bhaee Dayaalaa ॥

स्री असिधुज जब भए दयाला ॥

ਪੂਰਨ ਕਰਾ ਗ੍ਰੰਥ ਤਤਕਾਲਾ ॥

Pooran Karaa Graanth Tatakaalaa ॥

पूरन करा ग्रंथ ततकाला ॥

When Mahakal became kind, He immediately caused me to complete this book

ਮਨ ਬਾਛਤ ਫਲ ਪਾਵੈ ਸੋਈ ॥

Man Baachhata Phala Paavai Soeee ॥

मन बांछत फल पावै सोई ॥

ਦੂਖ ਨ ਤਿਸੈ ਬਿਆਪਤ ਕੋਈ ॥੪੦੩॥

Dookh Na Tisai Biaapata Koeee ॥403॥

दूख न तिसै बिआपत कोई ॥४०३॥

He will obtain the fruit desired by the mind (who will read or listen to this book) and no suffering will occur to him.403.

ਅੜਿਲ ॥

Arhila ॥

अड़ि्ल ॥

ARRIL

ਸੁਨੈ ਗੁੰਗ ਜੋ ਯਾਹਿ ਸੁ ਰਸਨਾ ਪਾਵਈ ॥

Sunai Guaanga Jo Yaahi Su Rasanaa Paavaeee ॥

सुनै गुंग जो याहि सु रसना पावई ॥

The dumb, who will listen to it, will be blessed with the tongue to speak

ਸੁਨੈ ਮੂੜ ਚਿਤ ਲਾਇ ਚਤੁਰਤਾ ਆਵਈ ॥

Sunai Moorha Chita Laaei Chaturtaa Aavaeee ॥

सुनै मूड़्ह चित लाइ चतुरता आवई ॥

The fool, who will listen to it attentively, will get wisdom

ਦੂਖ ਦਰਦ ਭੌ ਨਿਕਟ ਨ ਤਿਨ ਨਰ ਕੇ ਰਹੈ ॥

Dookh Darda Bhou Nikatta Na Tin Nar Ke Rahai ॥

दूख दरद भौ निकट न तिन नर के रहै ॥

That person will be absolved of suffering, pain or fear,

ਹੋ ਜੋ ਯਾ ਕੀ ਏਕ ਬਾਰ ਚੌਪਈ ਕੋ ਕਹੈ ॥੪੦੪॥

Ho Jo Yaa Kee Eeka Baara Choupaee Ko Kahai ॥404॥

हो जो याकी एक बार चौपई को कहै ॥४०४॥

Who will even once recite this Chaupai-prayer.404.

ਚੌਪਈ ॥

Choupaee ॥

चौपई ॥

CHAUPAI

ਸੰਬਤ ਸਤ੍ਰਹ ਸਹਸ ਭਣਿਜੈ ॥

Saanbata Satarha Sahasa Bhanijai ॥

स्मबत स्त्रह सहस भणि्जै ॥

ਅਰਧ ਸਹਸ ਫੁਨਿ ਤੀਨਿ ਕਹਿਜੈ ॥

Ardha Sahasa Phuni Teeni Kahijai ॥

अरध सहस फुनि तीनि कहि्जै ॥

ਭਾਦ੍ਰਵ ਸੁਦੀ ਅਸਟਮੀ ਰਵਿ ਵਾਰਾ ॥

Bhaadarva Sudee Asattamee Ravi Vaaraa ॥

भाद्रव सुदी अशटमी रवि वारा ॥

ਤੀਰ ਸਤੁਦ੍ਰਵ ਗ੍ਰੰਥ ਸੁਧਾਰਾ ॥੪੦੫॥

Teera Satudarva Graanth Sudhaaraa ॥405॥

तीर सतु्द्रव ग्रंथ सुधारा ॥४०५॥

It was Bikrami Samvat 1753

ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਚਰਿਤ੍ਰ ਪਖ੍ਯਾਨੇ ਤ੍ਰਿਯਾ ਚਰਿਤ੍ਰੇ ਮੰਤ੍ਰੀ ਭੂਪ ਸੰਬਾਦੇ ਚਾਰ ਸੌ ਚਾਰ ਚਰਿਤ੍ਰ ਸਮਾਪਤਮ ਸਤੁ ਸੁਭਮ ਸਤੁ ॥੪੦੪॥੭੫੩੯॥ ਸਮਾਪਤਮ ॥

Eiti Sree Charitar Pakhiaane Triyaa Charitare Maantaree Bhoop Saanbaade Chaara Sou Chaara Charitar Samaapatama Satu Subhama Satu ॥404॥7539॥ Samaapatama ॥

इति स्री चरित्र पख्याने त्रिया चरित्रे मंत्री भूप स्मबादे चार सौ चार चरित्र समापतम सतु सुभम सतु ॥४०३॥७१३४॥ अफजूं ॥

This book was competed on the banks of Sutlej on Sunday, the eighth Sudi of the month of Bhadon.

WAHEGURU JI KA KHALSA
WAHEGURU JI KI FATEH

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